Published on: June 11, 2025
भारत सरकार जल्द ही एयर कंडीशनर (AC) के तापमान को लेकर एक नया नियम ला सकती है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि AC का तापमान अब न्यूनतम 20°C और अधिकतम 28°C के बीच ही सेट किया जा सकेगा। यह नियम घरों, दफ्तरों, मॉल्स और अस्पतालों सहित सभी जगह लागू होगा। सरकार का मानना है कि इससे बिजली की बचत होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।
नियम की पृष्ठभूमि और आवश्यकता
गर्मी के दौरान घर, ऑफिस, दुकान, अस्पताल सहित हर जगह एयर कंडीशनर का उपयोग आम हुआ जा रहा है। अक्सर उपभोक्ता 16°C या 18°C जैसे कम तापमान पर AC चला कर आराम पाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे ऊर्जा की खपत कई गुना बढ़ जाती है। लगातार बढ़ती बिजली मांग और CO₂ उत्सर्जन ने सरकार को 北京-2047 विजन के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है।
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि AC तापमान को मानकीकृत करने से बिजली की बचत, पावर ग्रिड पर दबाव में कमी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं—जैसे खांसी, सर्दी, दर्द—कम हो सकते हैं। इससे भारत वैश्विक स्तर पर टिकाऊ विकास लक्ष्य (SDG) और Paris Climate Agreement में अपने योगदान को भी सिद्ध कर पाएगा।
क्यों लाया जा रहा है यह नियम?
AC को 16-18°C पर चलाने से न सिर्फ बिजली की खपत बढ़ती है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। नए नियम के तहत, न्यूनतम तापमान 20°C और अधिकतम 28°C तय किया जाएगा। इससे बिजली बिल में कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। साथ ही, बहुत कम तापमान पर AC चलाने से स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ती हैं, जिस पर यह नियम अंकुश लगाएगा।
AC तापमान के वैश्विक मानक: भारत से पहले ये देश कर चुके हैं लागू
दुनिया के कई देशों में एयर कंडीशनर तापमान को लेकर सख्त मानक पहले से ही लागू हैं। जापान में 'कूल बिज' अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों पर AC का तापमान 28°C से कम रखने की अनिवार्यता है। यूरोपीय संघ के अधिकांश देशों में कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 24-26°C का मानक निर्धारित है। अमेरिका में भवन ऊर्जा दक्षता मानकों (ASHRAE) के तहत 25.5°C को आदर्श माना जाता है।
मध्य पूर्व के देशों में भी इस दिशा में कदम उठाए गए हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने 2014 में सरकारी इमारतों के लिए AC तापमान 24°C निर्धारित किया था। सिंगापुर में ग्रीन मार्क प्रमाणन प्राप्त करने के लिए भवनों को 23-25°C के बीच तापमान बनाए रखना अनिवार्य है। चीन ने 2007 में सार्वजनिक भवनों के लिए ग्रीष्मकाल में 26°C का मानक तय किया था।
ये वैश्विक मानक मुख्यतः तीन उद्देश्यों से जुड़े हैं - ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 20-24°C का तापमान मानव शरीर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है। भारत का प्रस्तावित 20-28°C का मानक भी इन्हीं वैश्विक प्रथाओं के अनुरूप है, जो देश को ऊर्जा दक्षता के लक्ष्यों की ओर अग्रसर करेगा।