Zomato में बड़ा बदलाव: दीपिंदर गोयल ने ग्रुप CEO पद छोड़ा, नई कमान अल्बिंदर ढींडसा के हाथ

Published on: January 22, 2026

Zomato में बड़ा बदलाव: दीपिंदर गोयल ने ग्रुप CEO पद छोड़ा
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भारतीय स्टार्टअप जगत में हलचल मचाने वाला फैसला सामने आया है। जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने इटर्नल लिमिटेड में ग्रुप CEO का पद छोड़ दिया है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव भविष्य की तैयारी और फोकस्ड लीडरशिप की जरूरत को देखते हुए किया गया है। इसी के साथ अल्बिंदर ढींडसा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनकी पहचान ब्लिंकिट को स्थिरता की राह पर लाने वाले लीडर के रूप में बनी। मजबूत मुनाफे के बीच लिया गया यह कदम कई बड़े संकेत दे रहा है।

नेतृत्व में बदलाव, रणनीति में नया मोड़

इटर्नल लिमिटेड, जो जोमैटो और ब्लिंकिट दोनों ब्रांड्स की मूल कंपनी है, ने आधिकारिक रूप से नेतृत्व बदलाव की घोषणा की। शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद दीपिंदर गोयल ने ग्रुप CEO पद से इस्तीफा दिया। कंपनी के अनुसार, मौजूदा कारोबारी माहौल में उसे ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो अपने मुख्य बिजनेस पर पूरी तरह केंद्रित हो और ऑपरेशन को अनुशासन के साथ आगे बढ़ाए। इसी सोच के तहत बोर्ड ने नया चेहरा आगे किया है। यह बदलाव ऐसे समय पर आया है जब इटर्नल अपने बिजनेस मॉडल को और धार देने की तैयारी में जुटी है।

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मजबूत नतीजों के बीच बड़ा फैसला

वित्त वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही में इटर्नल का एकीकृत शुद्ध लाभ 72.88 प्रतिशत उछलकर 102 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। आम तौर पर ऐसी सकारात्मक स्थिति में कंपनियां नेतृत्व बदलाव से बचती हैं, लेकिन इटर्नल ने उलटा रास्ता चुना। उद्योग विश्लेषकों के मुताबिक यह संकेत देता है कि कंपनी अब ग्रोथ के अगले चरण की तैयारी कर रही है। फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स के बढ़ते मुकाबले के बीच यह बदलाव लंबे समय की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि रोजमर्रा के ऑपरेशन और बड़े फैसले स्पष्ट रूप से अलग-अलग हाथों में हों।


अल्‍ब‍िंदर ढींडसा संभालेंगे कमान

दीपिंदर गोयल ने स्पष्ट किया है कि अब रोजमर्रा के ऑपरेशन, प्राथमिकताओं और बड़े बिजनेस फैसलों की जिम्मेदारी अल्बिंदर ढींडसा निभाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि ब्लिंकिट के अधिग्रहण से लेकर उसे ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने की पूरी यात्रा ढींडसा के नेतृत्व में ही पूरी हुई। यही अनुभव उन्हें इटर्नल के लिए उपयुक्त बनाता है। उधर, गोयल का फोकस अब नई संभावनाओं और जोखिम भरे प्रयोगों पर रहेगा, जिन्हें वे पब्लिक कंपनी के ढांचे के बाहर बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकेंगे।

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