Published on: June 10, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उन बहु-दलीय डेलिगेशन के सदस्यों से मुलाकात की, जो हाल ही में 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत विभिन्न वैश्विक राजधानियों का दौरा कर लौटे हैं। इन प्रतिनिधिमंडलों का उद्देश्य पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को मजबूती से दुनिया के सामने रखना था। इस डेलिगेशन में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसद, पूर्व सांसद और वरिष्ठ राजनयिक शामिल थे। डेलिगेशन ने विभिन्न देशों में जाकर भारत की चिंताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया और आतंकवाद के खिलाफ भारत की सामूहिक नीति को दर्शाते हुए एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया।
मिशन की संरचना और प्रमुख प्रतिनिधि
इस विशेष अभियान के तहत कुल सात प्रमुख देशों—अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जापान, जर्मनी और कनाडा—में भारतीय डेलिगेशन भेजे गए थे। इस डेलिगेशन में बीजेपी से रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, कांग्रेस से शशि थरूर, डीएमके से कनिमोझी, जेडीयू से संजय झा, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, एनसीपी (एसपी) से सुप्रिया सुले और AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी जैसे प्रमुख चेहरे शामिल थे। सभी नेताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ विदेशी सरकारों, थिंक टैंक्स और मीडिया से संवाद किया। उनके संवादों में पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के ठोस सबूत और भारत के अनुभव साझा किए गए, जिससे विश्व समुदाय को एक ठोस सन्देश मिला।

प्रधानमंत्री से संवाद और रिपोर्ट प्रस्तुतिकरण
डेलिगेशन के भारत लौटने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने डेलिगेशन द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और कहा कि यह मिशन भारत की रणनीतिक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। सभी सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भारत की बात को गंभीरता से लिया। पीएम मोदी ने इस मिशन को "राष्ट्रीय एकता की मिसाल" बताया और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखने पर जोर दिया। बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि यह सिर्फ राजनीतिक प्रयास नहीं, बल्कि एक समन्वित राष्ट्रीय रणनीति थी।
मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ केवल सैन्य या सुरक्षा उपायों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कूटनीतिक स्तर पर भी आक्रामकता दिखा रहा है। इससे भारत की छवि वैश्विक पटल पर एक सशक्त, स्पष्ट और संगठित राष्ट्र की बन रही है।

भारत की वैश्विक छवि और आगे की राह
बहु-दलीय डेलिगेशन का यह अंतरराष्ट्रीय दौरा एक उदाहरण है कि जब देश हित की बात आती है, तो राजनीतिक विचारधाराएं पीछे छूट जाती हैं और भारत एकजुट होकर आगे बढ़ता है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ यह मिशन भारत की एकजुटता, समझदारी और रणनीतिक सोच का प्रतीक बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी और डेलिगेशन की मेहनत से यह स्पष्ट है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि अब दिशा तय करता है।