Published on: July 21, 2025
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उठापटक का दौर शुरू हो गया है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हुई गोपनीय मुलाकातों ने चर्चाओं को जन्म दिया है। ये वार्ताएं ऐसे समय पर हुई हैं जब शिंदे गुट और शिवसेना (UBT) के बीच तनाव चरम पर है। साथ ही, BMC चुनाव की तैयारियों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। क्या ये मुलाकातें राज्य में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत हैं?
राजनीतिक भूचाल की आहट?
पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की सियासी गलियारों में एक अजीब सी सनसनी छाई हुई है। शिवसेना (UBT) के युवा नेता आदित्य ठाकरे ने सबसे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इसके कुछ ही घंटों बाद पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे भी बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित एक होटल में फडणवीस से मिले। ये तीनों नेता बिना किसी बड़े प्रतिनिधिमंडल के अकेले ही वार्ता में शामिल हुए, जिससे इसकी गोपनीयता और भी बढ़ गई।
मुलाकातों का समय और उस पर सवाल
इन मुलाकातों का समय काफी चौंकाने वाला है। दरअसल, शिवसेना के दोनों धड़ों—शिंदे गुट और UBT—के बीच तीखी जुबानी जंग चल रही है। शिवसेना (UBT) के नेताओं ने शिंदे गुट के मंत्रियों पर लगातार हमले बोले हैं। अंबादास दानवे ने सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसात के बेटे के होटल डील पर सवाल खड़े किए, तो अनिल परब ने गृह राज्य मंत्री योगेश कदम को अवैध डांस बार के मामले में घेरा। शिंदे गुट को शक है कि सरकारी अधिकारी UBT को जानकारियां लीक कर रहे हैं। ऐसे में, ठाकरे-फडणवीस की मीटिंग ने सियासी समीकरणों को और भी जटिल बना दिया है।

क्या BMC चुनाव है मकसद?
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे BMC चुनाव की भूमिका भी हो सकती है। मॉनसून के बाद होने वाले इन चुनावों को लेकर सभी दल तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि चुनाव दो या तीन चरणों में हो सकते हैं, जिसमें मुंबई, पुणे, ठाणे और नाशिक को प्राथमिकता दी जाएगी। क्या ठाकरे और फडणवीस की मुलाकात में BMC की सीटों के बंटवारे पर कोई समझौता हुआ है? या फिर ये महाराष्ट्र में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर की शुरुआत है?
निष्कर्ष: क्या होगा अगला कदम?
फिलहाल, इन मुलाकातों का सीधा मकसद साफ नहीं है। लेकिन इतना तय है कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। क्या शिवसेना (UBT) और भाजपा के बीच फिर से गठबंधन की संभावना है? या फिर BMC चुनाव को लेकर कोई रणनीति तय की गई है? जवाब शायद आने वाले दिनों में मिलेगा, लेकिन अभी तक ये मामला रहस्य और चर्चा का विषय बना हुआ है।