Published on: January 18, 2026
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष एक नए नियम के साथ शुरू होगी। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरे ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इससे दर्शन व्यवस्था बेहतर होगी और श्रद्धालुओं को शांति मिलेगी। बीते वर्षों में मोबाइल और वीडियो बनाने के कारण कई समस्याएं सामने आई थीं। यह फैसला जहां व्लॉगर्स के लिए झटका है, वहीं श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आया है।
चारधाम यात्रा में लागू हुआ नया नियम
चारधाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक मानी जाती है। इसमें गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम शामिल हैं। इस साल से इन सभी मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, यह नियम मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखने और दर्शन प्रक्रिया को सुचारु करने के लिए लागू किया गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट हर वर्ष अक्षय तृतीया के दिन खोले जाते हैं, जो इस बार 19 अप्रैल को पड़ रही है। वहीं बदरीनाथ मंदिर के कपाट बसंत पंचमी और केदारनाथ मंदिर के कपाट महाशिवरात्रि के अवसर पर घोषित किए जाते हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आते हैं, इसलिए नियमों में यह बदलाव जरूरी माना गया है।
प्रशासन ने क्यों लिया यह फैसला ?
ऋषिकेश में स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में हुई समीक्षा बैठक के बाद गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि पिछले वर्षों में मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरे के कारण कई परेशानियां हुई थीं। दर्शन के दौरान फोटो और वीडियो बनाने से भीड़ बढ़ जाती थी और श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार करना पड़ता था। कई बार इससे सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल घूमने की यात्रा नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा और आस्था से जुड़ी होती है। इसलिए श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिर में प्रवेश से पहले अपने मोबाइल और कैमरे जमा कराएं। मंदिर से बाहर निकलने के बाद वे फोटो और वीडियो ले सकते हैं। इसके लिए मंदिर समितियों को सुरक्षित व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बढ़ती भीड़ और बेहतर इंतजामों की तैयारी
चारधाम यात्रा हर साल नए रिकॉर्ड बना रही है। पिछले यात्रा सीजन में 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए थे। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले लोगों के लिए व्यवस्था करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसी कारण इस बार यात्रा को और अधिक सुरक्षित, आसान और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। समीक्षा बैठक में पिछले साल की यात्रा के अनुभवों पर चर्चा की गई और कमियों को सुधारने की योजना बनाई गई। अधिकारियों को समय पर सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो और दर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो सकें।
निष्कर्ष: श्रद्धा को मिलेगी प्राथमिकता
मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरा प्रतिबंध का यह फैसला उन लोगों के लिए निराशाजनक हो सकता है जो व्लॉगिंग या फोटोग्राफी के लिए आते हैं। लेकिन इससे उन श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी जो सच्ची आस्था के साथ दर्शन करना चाहते हैं। यह कदम चारधाम यात्रा को अधिक शांत, पवित्र और अनुशासित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।