Published on: July 23, 2025
#MeToo आंदोलन की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने हाल ही में एक भावनात्मक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि पिछले चार से पाँच सालों से उन्हें अपने ही घर में मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। वह कहती हैं कि लगातार तेज़ आवाज़ें, घर से चोरी और बिना मंजूरी उसके निजी क्षेत्र में हस्तक्षेप हुआ है। तनाव के चलते उनकी सेहत बिगड़ चुकी है। उन्होंने पुलिस को संपर्क किया है और न्याय की गुहार लगाई है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर चेतना और समर्थन का नया दौर शुरू कर दिया है।
घरेलू उत्पीड़न का दर्दनाक अनुभव और सार्वजनिक अपील
तनुश्री ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि घर में लगातार जारी अजीब आवाजों और अत्यधिक दबाव के चलते उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि “मैं इस उत्पीड़न से बीमार और थक चुकी हूं। यह 2018 से हो रहा है।” वे फूट-फूट कर रोती हुई नजर आईं और repeatedly बयान दिया कि उन्हें अपने ही घर में परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घूम-घूम कर चोरी हुई, घर गंदा कर दिया गया, नौकरानियाँ भरोसेमंद नहीं रहीं, और अब वे शारीरिक और मानसिक पीड़ा से जूझ रही हैं। इस अपील में उन्होंने पुलिस थाने को कॉल किया और न्याय की उम्मीद जताई।
स्वास्थ्य नुकसान और व्यक्तिगत स्थितियों का असर
तनुश्री ने स्पष्ट किया कि इस लगातार उत्पीड़न के चलते उन्हें क्रोनिक थकान सिंड्रोम (CFS) जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति हो गई है। उन्होंने बताया कि इतने लंबे समय तक तनाव ने उन्हें कार्य करने में असमर्थ बना दिया है। उनका घर अस्त‑व्यस्त हो चुका है और नौकरानियाँ भी भरोसेमंद नहीं रही हैं—उनकी कथनानुसार, उनके मालिकाना हक में दखल अंदाज़ी की गई है। मानसिक पीड़ा इतनी बढ़ गई है कि भौतिक मरम्मत के अलावा उनकी सुकूनत ख्षत्म हो चुका है। यह अंततः कानून और सुरक्षा की आवश्यकता की तरफ एक इशारा बन गया।
सोशल मीडिया प्रतिक्रिया और भविष्य की कार्रवाई
इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर समर्थन का तांता लग गया। फ़ॉलोअर्स, प्रशंसक, और आम यूजर्स भावनात्मक संदेशों और सहानुभूति से भरे संवाद साझा कर रहे हैं। एक यूज़र ने लिखा, “सब ठीक हो जाएगा! खुद पर भरोसा रखो”, जबकि दूसरे ने समर्थन करते हुए कहा, “चिंता मत करो, न्याय मिलेगा।” तनुश्री ने कहा कि वे जल्द ही पुलिस थाने जाकर एफआईआर दर्ज कराने की योजना बना रही हैं। एक अन्य वीडियो में उन्होंने तेज़ आवाज़ों का रिकॉर्ड साझा किया, जिनसे महसूस होता है कि उत्पीड़न केवल एक मानसिक भावना नहीं, बल्कि अनायास चलने वाला दबाव है। उन्होंने भवन प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन reportedly उनको कोई सहायता नहीं मिली। इस स्थिति का कानूनी रास्ता चुनना उनका दूसरा कदम है।
निर्णय के पीछे की वजह
तनुश्री का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला है, बल्कि सामाजिक चेतना और न्याय की मांग का प्रतीक भी है। #MeToo आंदोलन की शुरुआत से ही उनके बोलने की हिम्मत आने वाली कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रही है। इस बार भी उन्होंने व्यक्तिगत असहाय महसूस करने की स्थिति को सार्वजनिक किया है। उनसे जुड़ी हिंसात्मक ध्वनियों, चोरी, और मानसिक उत्पीड़न जैसे घटनाक्रमों से यह मामला केवल निजी नहीं रह गया—यह सामाजिक सहानुभूति और न्याय की चुप्पी तोड़ने की अपील बन गया है। प्रभावी कार्रवाई का निर्णय उत्पीड़न को रोकने, संरक्षित जीवन जीने और आत्म-सम्मान बनाए रखने का संदेश देता है।