Published on: July 22, 2025
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। करदाताओं के लिए यह आवश्यक है कि वे इस तिथि तक या उससे पहले रिटर्न फाइल कर दें, अन्यथा उन्हें जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, बीते वर्षों के अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आयकर विभाग समयसीमा को आगे बढ़ा सकता है। खासकर तब, जब बड़ी संख्या में करदाता अभी भी फॉर्म-16 प्राप्त कर रहे हैं। बावजूद इसके, निर्धारित समय में रिटर्न फाइल करना तकनीकी समस्याओं और भीड़भाड़ से बचने का बेहतर विकल्प होगा।
इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम तारीख
आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 घोषित की है। यह डेडलाइन व्यक्तिगत करदाताओं के लिए तय की गई है, जिन्हें ऑडिट की आवश्यकता नहीं होती। अगर कोई टैक्सपेयर इस तारीख तक रिटर्न फाइल नहीं करता, तो उस पर ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जो उसकी कुल आय पर निर्भर करेगा।
क्या तारीख आगे बढ़ सकती है?
हर साल की तरह इस बार भी चर्चा है कि क्या इस साल भी आयकर विभाग रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख को आगे बढ़ाएगा। पिछले कुछ वर्षों में अक्सर विभाग ने टैक्सपेयर्स की सुविधा को देखते हुए डेडलाइन बढ़ाई है। इस बार भी ऐसे संकेत हैं, क्योंकि अभी तक कई करदाताओं को फॉर्म 16 जैसे जरूरी दस्तावेज देर से मिले हैं।
वर्तमान में नौकरीपेशा करदाताओं को कुछ ही समय पहले फॉर्म 16 उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में उन्हें रिटर्न फाइल करने के लिए कम समय मिल रहा है। इसी वजह से माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स 31 जुलाई की समयसीमा तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे।
डेडलाइन नजदीक आते-आते इनकम टैक्स पोर्टल पर उपयोगकर्ताओं का लोड काफी बढ़ जाता है। इससे वेबसाइट स्लो हो जाती है और तकनीकी गड़बड़ियों की संभावना बढ़ती है। यही कारण है कि कर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अंतिम समय का इंतज़ार न करते हुए पहले ही रिटर्न फाइल कर देना बेहतर होता है।
समय पर रिटर्न फाइल करने के फायदे
यदि आप तय समय पर रिटर्न फाइल करते हैं, तो आपको कई लाभ मिलते हैं। पहला – यदि आपने कोई अतिरिक्त टैक्स भुगतान किया है या टीडीएस कट चुका है, तो उसका रिफंड जल्दी प्राप्त हो सकता है। दूसरा – रिटर्न की कॉपी भविष्य में लोन, वीजा या अन्य दस्तावेज़ी जरूरतों में काम आती है। तीसरा – जुर्माने से बचाव संभव होता है।
किन दस्तावेजों की ज़रूरत होती है?
रिटर्न फाइल करते समय कुछ आवश्यक दस्तावेज़ पहले से तैयार रखना बेहद ज़रूरी है:
फॉर्म 16 (यदि आप नौकरी करते हैं)
बैंक स्टेटमेंट
निवेश प्रमाणपत्र (धारा 80C, 80D आदि)
पैन और आधार कार्ड
किराए, ब्याज या फ्रीलांस इनकम से जुड़े विवरण
संभावित कारण: तारीख बढ़ाने पर विचार क्यों?
डेडलाइन बढ़ाने की संभावनाएं इसलिए भी प्रबल हैं क्योंकि करदाताओं को दस्तावेज़ एकत्र करने में समय लग रहा है। इसके अलावा, सिस्टम पर लोड और विभागीय प्रक्रियाएं भी इस निर्णय को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
निष्कर्ष:
जबकि आयकर विभाग द्वारा अंतिम तारीख बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है, फिर भी टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे देरी न करें। निर्धारित समयसीमा के भीतर रिटर्न दाखिल करना न केवल कानूनी रूप से जरूरी है, बल्कि यह आर्थिक रूप से भी लाभदायक है। अंतिम समय की भीड़, तकनीकी दिक्कतें और संभावित जुर्माने से बचने के लिए बेहतर यही होगा कि समय रहते ITR भर दिया जाए।