Published on: December 17, 2025
IPL 2026 ऑक्शन ने यह साफ कर दिया कि लीग अब केवल नामी सितारों तक सीमित नहीं रही। करोड़ों की बोली अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों पर लगना घरेलू क्रिकेट में उनकी निरंतर मेहनत और प्रदर्शन की सीधी पहचान है। इस नीलामी में जहां कुछ टीमों ने युवा भारतीय प्रतिभाओं पर खुलकर भरोसा दिखाया, वहीं कई बड़े अंतरराष्ट्रीय नाम खरीदार न मिलने से हैरान रह गए। रिकॉर्ड बिडिंग, चौंकाने वाले फैसले और रणनीतिक चयन ने IPL 2026 ऑक्शन को भविष्य के भारतीय क्रिकेट की झलक बना दिया।
अनकैप्ड खिलाड़ियों पर बढ़ता भरोसा
IPL 2026 की नीलामी में सबसे बड़ा बदलाव यह देखने को मिला कि फ्रेंचाइज़ियों का फोकस तेजी से अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों की ओर शिफ्ट हुआ। करोड़ों रुपये की बोली केवल रकम नहीं थी, बल्कि यह घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए सम्मान की मुहर भी थी। सनराइजर्स हैदराबाद ने इस रणनीति को सबसे आक्रामक तरीके से अपनाया और सिर्फ अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों को चुनते हुए सात खिलाड़ियों पर 3.30 करोड़ रुपये खर्च किए। यह साफ संकेत था कि टीमें भविष्य की नींव आज से ही मजबूत करना चाहती हैं।
टीमों की रणनीति और खिलाड़ियों की संख्या
अनकैप्ड खिलाड़ियों की खरीद में अन्य टीमों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। राजस्थान रॉयल्स ने छह खिलाड़ियों को अपने स्क्वॉड में शामिल किया, जबकि कोलकाता नाइट राइडर्स ने पांच और मुंबई इंडियंस ने चार अनकैप्ड खिलाड़ियों पर दांव लगाया। लखनऊ सुपर जायंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स ने तीन-तीन खिलाड़ियों को चुना। यह आंकड़े बताते हैं कि फ्रेंचाइज़ियां अब केवल अनुभव नहीं, बल्कि लंबे समय तक टीम को संभाल सकने वाली युवा प्रतिभा को प्राथमिकता दे रही हैं।
नीलामी के शुरुआती सेट में जब ऑक्शनर मल्लिका सागर ने ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन का नाम पुकारा, तब शायद ही किसी ने इतनी लंबी बिडिंग वार की कल्पना की हो। मुंबई इंडियंस ने पहले बोली लगाई, लेकिन 64.43 करोड़ के भारी पर्स के साथ उतरी केकेआर ने तुरंत मुकाबला तेज कर दिया। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स और केकेआर के बीच लंबी टक्कर चली, जिसने पूरे ऑक्शन हॉल का माहौल गर्म कर दिया।

रिकॉर्ड कीमत और सैलरी नियम का असर
राजस्थान ने कैमरन ग्रीन के लिए 13.40 करोड़ रुपये तक बोली लगाई, लेकिन असली जंग तब शुरू हुई जब चेन्नई सुपर किंग्स मैदान में उतरी। चेन्नई और केकेआर के बीच चली जबरदस्त बिडिंग वार के बाद आखिरकार केकेआर ने 25.20 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बोली लगाकर ग्रीन को अपने नाम कर लिया। हालांकि IPL के अधिकतम फीस नियम के चलते ग्रीन को इसमें से 18 करोड़ रुपये ही मिलेंगे, जो मिनी ऑक्शन में विदेशी खिलाड़ियों की अधिकतम सैलरी तय करता है।
लिविंगस्टोन और इंग्लिश की देर से एंट्री
इंग्लैंड के ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टोन का सफर इस नीलामी में उतार-चढ़ाव से भरा रहा। पहले दौर में उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला, लेकिन एक्सेलरेशन राउंड में सनराइजर्स हैदराबाद ने 13 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाकर उन्हें टीम में शामिल कर लिया। इसी तरह जोश इंग्लिश भी शुरुआत में अनसोल्ड रहे, मगर बाद में लखनऊ सुपर जायंट्स ने 8.60 करोड़ रुपये में उन्हें खरीदकर सबको चौंका दिया।
जब बड़े नाम रह गए अनसोल्ड
IPL 2026 ऑक्शन का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि कई बड़े और अनुभवी खिलाड़ी खरीदार नहीं ढूंढ सके। स्टीव स्मिथ, जॉनी बेयरस्टो, डेवोन कॉनवे, लुंगी नगिदी, महेश तीक्ष्णा, मुजीब रहमान, उमेश यादव और दीपक हुड्डा जैसे नामों का अनसोल्ड रहना इस बात का संकेत है कि टीमें अब नाम से ज्यादा मौजूदा फॉर्म, फिटनेस और टीम संयोजन को महत्व दे रही हैं।
IPL 2026 के सबसे महंगे अनकैप्ड सितारे
अनकैप्ड खिलाड़ियों में सबसे महंगे सौदे की बात करें तो कार्तिक शर्मा और प्रशांत वीर चेन्नई की ओर से 14.20 करोड़ रुपये में बिके। दिल्ली ने आकिब डार को 8.40 करोड़ में खरीदा, जबकि आरसीबी ने मंगेश यादव पर 5.20 करोड़ खर्च किए। केकेआर ने तेजस्वी सिंह को 3 करोड़, लखनऊ ने मुकुल चौधरी को 2.60 करोड़ और हैदराबाद ने अक्षत रघुवंशी को 2.20 करोड़ में अपने साथ जोड़ा।
IPL 2026 ऑक्शन ने यह साफ कर दिया कि लीग का भविष्य युवा और अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। जहां एक ओर रिकॉर्ड तोड़ बोलियों ने सुर्खियां बटोरीं, वहीं बड़े नामों का अनसोल्ड रहना बदलती रणनीतियों का संकेत बना। यह नीलामी भारतीय क्रिकेट के अगले दौर की मजबूत नींव साबित होती नजर आ रही है।