Published on: May 13, 2025
Whatsapp का उपयोग अब केवल मैसेजिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साइबर अपराधियों का नया हथियार बन चुका है। हाल ही में एक ऐसा स्कैम सामने आया है, जिसमें केवल एक इमेज भेजकर हैकर्स आपके मोबाइल में खतरनाक मैलवेयर इंस्टॉल कर देते हैं। यह मैलवेयर चुपचाप आपकी बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी चुरा सकता है। अगर आपने किसी अनजान नंबर से आई फोटो को डाउनलोड किया या खोला, तो आपका बैंक खाता खतरे में पड़ सकता है। आइए जानते हैं यह स्कैम कैसे काम करता है और इससे कैसे बचा जाए।
साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप के जरिए एक नया स्कैम शुरू किया है, जिसमें मात्र एक फोटो भेजकर लोगों के बैंक अकाउंट हैक किए जा रहे हैं। यह स्कैम QR कोड या लिंक वाली इमेज के माध्यम से किया जाता है, जिसे खोलते ही हैकर्स मोबाइल का कंट्रोल हासिल कर लेते हैं। इससे UPI, नेट बैंकिंग और पर्सनल डेटा चोरी होने का खतरा है। साइबर एक्सपर्ट्स ने अनजान नंबर से आए मैसेज या फोटो न खोलने की चेतावनी दी है।
स्कैम कैसे काम करता है? जानिए पूरा तरीका
इस स्कैम की कार्यप्रणाली बेहद शातिर और तकनीकी रूप से उन्नत है। हैकर्स व्हाट्सएप के ज़रिए एक मैलिशियस इमेज (Malicious Image) भेजते हैं, जो देखने में सामान्य फोटो जैसी लगती है। लेकिन जैसे ही यूज़र उस इमेज को डाउनलोड करता है या खोलता है, उसके मोबाइल में एक मैलवेयर कोड सक्रिय हो जाता है।
स्कैम की चरणबद्ध प्रक्रिया:
ट्रोजन या स्पाइवेयर भेजना: इमेज के माध्यम से ट्रोजन, कीलॉगर या स्पाइवेयर भेजा जाता है जो बैकग्राउंड में काम करता है।
डिवाइस एक्सेस: यह मैलवेयर मोबाइल की परमिशन लेकर सभी संवेदनशील ऐप्स जैसे बैंकिंग ऐप, OTP मैनेजर, SMS और कीबोर्ड ट्रैकिंग को एक्सेस कर लेता है।
डेटा चोरी: मोबाइल में टाइप की जा रही जानकारी जैसे बैंक लॉगिन, पासवर्ड, UPI पिन और OTP हैकर्स को भेजी जाती है।
बैंक अकाउंट से फंड ट्रांसफर: एक बार जानकारी मिलने के बाद हैकर्स बैंकिंग ऐप्स के ज़रिए पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।
यह स्कैम एंड्रॉइड और पुराने OS वर्जन वाले फोनों को ज्यादा टारगेट करता है, जिनमें सुरक्षा पैच अपडेट नहीं हुए होते।
कैसे बचें इस खतरनाक स्कैम से?
साइबर सुरक्षा की थोड़ी-सी सावधानी आपको भारी नुकसान से बचा सकती है। नीचे दिए गए उपाय अपनाकर आप इस स्कैम से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं:
अनजान नंबर से आई इमेज को न खोलें: किसी भी संदिग्ध या अनजान नंबर से आई इमेज को खोलने या डाउनलोड करने से बचें।
व्हाट्सएप ऑटो डाउनलोड बंद करें:
सेटिंग्स > स्टोरेज और डेटा > मीडिया ऑटो-डाउनलोड > सभी विकल्प बंद करें।
मजबूत एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल करें:
एक भरोसेमंद मोबाइल सिक्योरिटी ऐप रखें जो मैलवेयर को स्कैन और ब्लॉक कर सके।सिस्टम और ऐप अपडेट करें:
अपने मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम और व्हाट्सएप समय-समय पर अपडेट करें।2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का प्रयोग करें:
बैंक और व्हाट्सएप में 2FA (Two-Factor Authentication) चालू रखें।SMS और OTP शेयर न करें:
किसी से भी OTP या बैंकिंग जानकारी शेयर न करें, चाहे सामने वाला विश्वसनीय लगे।
ऐसे स्कैम पहले भी हो चुके हैं चर्चित
2020 में 'Pegasus Spyware' का मामला: जिसमें व्हाट्सएप कॉल के ज़रिए यूज़र्स की जानकारी चोरी की जा रही थी।
2021 में 'Pink WhatsApp' स्कैम: एक नकली व्हाट्सएप वर्जन, जो बैंकिंग डेटा चुराने के लिए बनाया गया था।
2023 में 'OTP Interception Scam': जिसमें यूज़र को OTP शेयर करने के लिए फिशिंग लिंक भेजा जाता था।
इन सभी मामलों में एक समानता थी — यूज़र की जानकारी के बिना डेटा चुराने की तकनीकें, जो अब और ज़्यादा परिष्कृत हो चुकी हैं।
निष्कर्ष: सतर्कता ही सुरक्षा है
इस नए स्कैम से बचने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। अनजान लिंक, QR कोड या फोटो पर क्लिक करने से बचें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें। अगर आपके साथ भी ऐसा कोई स्कैम हुआ है, तो तुरंत 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर रिपोर्ट करें।