Published on: May 27, 2025
राष्ट्रपति भवन में 27 मई 2025 को आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के 68 विशिष्ट व्यक्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस वर्ष 3 लोगों को पद्म विभूषण, 9 को पद्म भूषण और 56 को पद्मश्री प्रदान किए गए। इन विभूतियों ने कला, साहित्य, समाज सेवा, न्याय, विज्ञान, संगीत और खेल जैसे विविध क्षेत्रों में देश का गौरव बढ़ाया। समारोह की खास बात यह रही कि कई अनसुने नायकों को राष्ट्रीय पहचान मिली। यह आयोजन भारत की विविधता और समर्पण का उत्सव बन गया।
1. पद्म सम्मान 2025: भारत की प्रतिभाओं का गौरवमयी मंच
हर वर्ष की तरह इस बार भी पद्म पुरस्कार 2025 ने देश के कोने-कोने से उन हस्तियों को सामने लाया, जिन्होंने बिना किसी प्रचार के अपने कार्यों से समाज को दिशा दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने हाथों से इन नायकों को सम्मानित किया, और पूरे देश ने उन्हें तालियों से सराहा। इस वर्ष का आयोजन कई मायनों में खास रहा—एक ओर जहां राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध व्यक्तित्वों को सम्मान मिला, वहीं ग्रामीण और पारंपरिक पृष्ठभूमि से आए लोगों ने भी मंच साझा किया।
2. शारदा सिन्हा को मरणोपरांत पद्म विभूषण: लोकगायन को दी नई ऊँचाई
बिहार की सुप्रसिद्ध लोकगायिका शारदा सिन्हा को मरणोपरांत पद्म विभूषण प्रदान किया गया। उन्हें ‘बिहार कोकिला’ कहा जाता है। छठ पूजा के पारंपरिक गीतों से लेकर विवाह गीतों तक, उन्होंने लोकगायन को एक नई पहचान दी। उनके गीतों में बिहार की आत्मा बसती है, और उनकी आवाज़ में संस्कृति की धड़कन सुनाई देती है। यह पुरस्कार उनकी वर्षों की साधना और सांस्कृतिक योगदान के प्रति देश की श्रद्धांजलि है।
3. कुमुदिनी लाखिया और जस्टिस खेहर को मिला पद्म विभूषण सम्मान
गुजरात की नृत्यांगना कुमुदिनी लाखिया को भी कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने कथक नृत्य को आधुनिक रंग देने के साथ-साथ उसकी पारंपरिक आत्मा को भी जीवित रखा। वहीं, पूर्व मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर, जिन्होंने न्यायपालिका में अनेक ऐतिहासिक फैसले दिए, को सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में यह सम्मान मिला।
4. पद्म भूषण 2025: कला, पत्रकारिता और सेवा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान
इस वर्ष 9 लोगों को पद्म भूषण से नवाजा गया। अभिनेता अनंत नाग, संगीतकार और निर्देशक शेखर कपूर, और वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय इन पुरस्कारों के प्रमुख प्राप्तकर्ता रहे। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को एक नई दिशा दी है। इनके कामों में समाज की सच्चाई, संवेदनशीलता और भविष्य के लिए दृष्टिकोण समाहित है।
5. महावीर नायक को पद्मश्री: झारखंड की लोकधुनों को मिला राष्ट्रीय मंच
झारखंड के लोकगायक महावीर नायक, जिन्होंने नागपुरी संगीत को बचाने और आगे बढ़ाने का जीवन भर प्रयास किया, को पद्मश्री से नवाजा गया। उन्होंने 5000 से अधिक पारंपरिक गीतों का संकलन किया और 300 से अधिक गीत खुद रचे। उनका यह सम्मान लोककला के उन स्वरूपों को प्रोत्साहन देने का प्रतीक है, जो धीरे-धीरे लुप्त हो रहे थे।
6. अन्य पद्मश्री विजेता: विविध क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मिला सम्मान
पद्मश्री पुरस्कार पाने वाले 56 व्यक्तियों में से कई नाम बेहद प्रेरणादायक हैं। क्रिकेटर आर अश्विन, गायक अरिजीत सिंह, और गायिका जसपिंदर नरूला जैसे चर्चित नामों के साथ-साथ ग्रामीण भारत से आए समाजसेवक, चिकित्सक, किसान और शिक्षक भी शामिल हैं। यह पुरस्कार उन लोगों के लिए है, जो बिना शोर के, जमीनी स्तर पर बदलाव ला रहे हैं।
पद्म पुरस्कार 2025 केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उन प्रेरणादायक यात्राओं की मान्यता है जो लोगों ने समाज के हित में तय की हैं। यह आयोजन बताता है कि भारत का असली बल उसके विविधतापूर्ण योगदानों में है। इन पुरस्कारों के माध्यम से न केवल महान उपलब्धियों को सराहा गया, बल्कि एक नई पीढ़ी को सेवा, साधना और सृजन के लिए प्रेरित भी किया गया।