Published on: January 15, 2026
भारतीय सरज़मीं पर आठ साल से चला आ रहा दबदबा बुधवार को टूट गया। दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने संयम, आक्रामकता और अनुभव का ऐसा संतुलन दिखाया, जिसने टीम इंडिया को चौंका दिया। शुरुआती झटकों के बावजूद डैरिल मिचेल और विल यंग ने भारतीय गेंदबाजी को बेअसर कर दिया। 285 रन का लक्ष्य जैसे-जैसे करीब आता गया, मैच भारत की पकड़ से फिसलता चला गया। नतीजा—न्यूजीलैंड की यादगार जीत और सीरीज में बराबरी।
भारतीय पारी और मुकाबले की पृष्ठभूमि
तीन मैचों की वनडे सीरीज का यह मुकाबला भारत के लिए अहम था, क्योंकि टीम घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार जीत की लय में थी। साल 2017 के बाद से कीवी टीम भारत में एक भी वनडे नहीं जीत सकी थी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 284 रन बनाए, जिसे एक प्रतिस्पर्धी स्कोर माना जा रहा था। हालांकि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में रन गति को काबू में रखा। क्रिस्टियन क्लार्क ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन अहम विकेट झटके, जिससे भारतीय पारी पूरी तरह खुलकर आगे नहीं बढ़ सकी। भारत को भरोसा था कि घरेलू परिस्थितियों में उसका स्कोर जीत के लिए काफी होगा, लेकिन कहानी कुछ और ही मोड़ लेने वाली थी।
शुरुआती झटके और भारत की वापसी की उम्मीद
285 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। 22 रन पर ही सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉन्वे का विकेट गिर गया, जिन्हें हर्षित राणा ने क्लीन बोल्ड किया। इसके बाद 13वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने हेनरी निकल्स को आउट कर भारत की पकड़ और मजबूत कर दी। शुरुआती दो विकेट गिरने से भारतीय खेमे में उम्मीद जगी कि मैच उनकी ओर झुक सकता है। गेंदबाजों ने अनुशासन दिखाया, फील्डिंग भी चुस्त रही, लेकिन यहीं से मैच की दिशा बदलने लगी। तीसरे विकेट के लिए मैदान पर उतरी जोड़ी ने न सिर्फ पारी को संभाला, बल्कि भारतीय गेंदबाजी पर दबाव भी बढ़ाना शुरू कर दिया।
मिचेल–यंग की साझेदारी ने पलटा मैच
विल यंग और डैरिल मिचेल ने तीसरे विकेट के लिए 162 रनों की शानदार साझेदारी कर मुकाबले की तस्वीर ही बदल दी। यंग ने धैर्य के साथ 98 गेंदों में 87 रन बनाए, जिसमें सात सधे हुए चौके शामिल थे। दूसरी ओर डैरिल मिचेल ने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए भारतीय गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। कुलदीप यादव ने 38वें ओवर में यंग को आउट कर भारत की उम्मीदों को थोड़ा जिंदा किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मिचेल ने 117 गेंदों पर नाबाद 131 रन की पारी खेली, जिसमें 11 चौके और दो छक्के शामिल रहे। न्यूजीलैंड ने 47.3 ओवर में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला सात विकेट से अपने नाम किया।
इतिहास टूटा, सीरीज फिर खुली
इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने भारत में आठ साल से चला आ रहा हार का सिलसिला खत्म कर दिया और सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी का संकेत है। अब तीसरा वनडे निर्णायक होगा, जहां दोनों टीमें पूरी ताकत के साथ उतरेंगी और सीरीज का असली विजेता सामने आएगा।