Published on: July 26, 2025
ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में आज एक सुनियोजित आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला दिया। ज़ाहेदान शहर के न्यायालय परिसर में अज्ञात बंदूकधारियों ने ग्रेनेड फेंका, जिसमें 5 निर्दोष नागरिकों समेत 8 लोगों की मौत हो गई। 13 से अधिक घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मार गिराया। जैश अल-अदल नामक आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह क्षेत्र लंबे समय से हिंसा का गढ़ रहा है।
रक्तरंजित सुबह: जब न्याय के मंदिर में गूंजे आतंक के गोले
ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी ज़ाहेदान में आज सुबह न्यायालय परिसर में हुए भीषण ग्रेनेड हमले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। स्थानीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे जब न्यायालय में कार्यवाही चल रही थी, तभी आगंतुकों के भेष में घुसे आतंकियों ने परिसर के अंदर कई ग्रेनेड फेंके। इस नृशंस हमले में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 5 निर्दोष नागरिक (एक माँ और उसका 8 माह का शिशु भी शामिल) और 3 हमलावर हैं। 15 से अधिक घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हमले की जिम्मेदारी और पृष्ठभूमि
इस हमले की जिम्मेदारी जैश अल-अदल नामक कट्टरपंथी संगठन ने ली है, जो पाकिस्तान-ईरान सीमा पर सक्रिय बलूच अलगाववादी समूह है। यह संगठन पिछले एक दशक से ईरानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाता रहा है। गौरतलब है कि ज़ाहेदान शहर तेहरान से लगभग 1,200 किमी दूर स्थित है और यह क्षेत्र लंबे समय से उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और सरकार विरोधी गतिविधियों का गढ़ रहा है। अक्टूबर 2023 में इसी क्षेत्र में हुए हमले में 10 ईरानी पुलिसकर्मी मारे गए थे। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हमलावरों ने न्यायालय भवन में प्रवेश करने के लिए वकीलों का वेश धारण किया था।
सरकार की प्रतिक्रिया और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
हमले के बाद ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने इस घटना को "देश की सुरक्षा के लिए चुनौती" बताते हुए कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ पाकिस्तान सीमा पर निगरानी तेज कर दी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले की निंदा करते हुए शोक व्यक्त किया है, जबकि अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे "निर्दोष नागरिकों के खिलाफ कायरतापूर्ण हमला" बताया है। भारत सरकार ने भी इस आतंकी घटना पर गहरी चिंता जताई है।
निष्कर्ष
यह हमला एक बार फिर साबित करता है कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है। ईरान सरकार को चाहिए कि वह न केवल सुरक्षा बलों को मजबूत करे, बल्कि सीमावर्ती इलाकों के विकास और रोजगार पर भी विशेष ध्यान दे। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भी आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना चाहिए। आज जब न्याय के मंदिर में आतंक के गोले चले हैं, तो यह समय है कि हम सभी मिलकर शांति और मानवता के पक्ष में खड़े हों।