Published on: January 24, 2026
भारतीय मूल की दिग्गज अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा में लगभग तीन दशक तक मानव अंतरिक्ष अभियानों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। 27 दिसंबर 2025 को उनके रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंतरिक्ष में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने वाली सुनीता को पेंशन कितनी मिलेगी और उन्हें आगे किन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। करोड़ों की सैलरी, सरकारी पेंशन सिस्टम और स्पेस रिकॉर्ड्स से जुड़ी यह कहानी न केवल चौंकाती है, बल्कि उनके असाधारण करियर की गहराई को भी उजागर करती है।
पेंशन सिस्टम का सच: नासा नहीं, अमेरिकी सरकार देगी भुगतान
27 दिसंबर 2025 को सुनीता विलियम्स ने नासा से औपचारिक रूप से सेवानिवृत्ति ली। इस मौके पर नासा ने उनके अनुशासन, नेतृत्व और वैज्ञानिक योगदान की खुलकर सराहना की। भारतीय मूल की इस अंतरिक्ष यात्री ने कई कठिन मिशनों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका का प्रतिनिधित्व किया। उनके रिटायरमेंट के साथ ही यह चर्चा तेज हो गई कि इतने लंबे और सफल करियर के बाद उन्हें आर्थिक रूप से क्या-क्या लाभ मिलेंगे। नासा के अधिकारियों ने भी साफ किया कि सुनीता का अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक की तरह रहेगा।
अक्सर लोगों को लगता है कि नासा अपने रिटायर्ड एस्ट्रोनॉट्स को सीधे पेंशन देता है, लेकिन हकीकत इससे अलग है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुनीता विलियम्स को पेंशन अमेरिकी सरकार के ‘फेडरल एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम’ यानी FERS के तहत मिलेगी। उनकी 27 साल की सेवा और आखिरी तीन वर्षों की औसत सैलरी के आधार पर पेंशन की गणना की जाती है। यह सिस्टम सरकारी कर्मचारियों के लिए तय नियमों के अनुसार काम करता है, जिसमें सेवा अवधि का सीधा असर पेंशन राशि पर पड़ता है।
कितनी होगी पेंशन और कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी
सुनीता विलियम्स नासा में GS-15 जैसे ऊंचे पे-ग्रेड पर कार्यरत थीं, जहां उनकी सालाना सैलरी करीब 1.20 से 1.30 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है। अनुमान है कि उन्हें हर साल की सेवा के बदले औसत सैलरी का लगभग 1 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा। इस हिसाब से उन्हें सालाना करीब 43,200 डॉलर, यानी लगभग 36 लाख रुपये की सरकारी पेंशन मिल सकती है। इसके साथ ही उन्हें अमेरिकी सोशल सिक्योरिटी स्कीम के तहत मासिक भुगतान, हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी, जिससे रिटायरमेंट के बाद उनकी आर्थिक सुरक्षा बनी रहेगी।
अंतरिक्ष में अमिट छाप: रिकॉर्ड्स जो इतिहास बन गए
सुनीता विलियम्स का करियर सिर्फ पेंशन तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके नाम दर्ज रिकॉर्ड्स उन्हें अलग पहचान देते हैं। उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जिससे वह नासा की सबसे अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हो गईं। लंबी अवधि के मिशन, स्पेसवॉक और अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर जिम्मेदार भूमिकाएं उनके करियर का हिस्सा रहीं। ये रिकॉर्ड आने वाले वर्षों तक अंतरिक्ष विज्ञान में उनके योगदान की गवाही देते रहेंगे और नई पीढ़ी के वैज्ञानिकों को प्रेरित करते रहेंगे।