Published on: January 20, 2026
एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार सफर जितना सुकून देता है, टोल प्लाजा उतनी ही झुंझलाहट बढ़ा देते हैं। लंबी कतारें और महंगे टोल चार्ज अक्सर यात्रियों का मूड खराब कर देते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि देश में ऐसे लाखों वाहन हैं जिन्हें टोल में आंशिक छूट या पूरी तरह टोल फ्री सुविधा मिलती है। NHAI के नियमों में कई कैटेगरी तय हैं, जिनके तहत आम लोग भी डिस्काउंटेड पास या टोल से पूरी राहत पा सकते हैं। जानकारी के अभाव में लोग रोज बेवजह भुगतान कर रहे हैं।
टोल का नियम और हकीकत: हर वाहन से पूरा चार्ज लेना जरूरी नहीं
देश में हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है। नए-नए कॉरिडोर खुलने से दूरी कम हुई है और सफर तेज हुआ है, लेकिन इसके साथ ही टोल खर्च भी आम लोगों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। ज्यादातर मामलों में टोल देना अनिवार्य होता है, लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के नियम बताते हैं कि हर वाहन पर एक जैसा नियम लागू नहीं होता।
NHAI के टोल रेगुलेशन में दो अहम प्रावधान हैं—रूल 9 और रूल 11। रूल 11 के तहत कई वाहनों को पूरी तरह टोल फ्री रखा गया है, जबकि रूल 9 आम यात्रियों को डिस्काउंटेड पास की सुविधा देता है। इसमें खास तौर पर उन लोगों को राहत दी जाती है जो रोज़ाना हाईवे के एक ही हिस्से का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, अगर कोई वाहन हाईवे के केवल एक छोटे हिस्से से गुजरता है और टोल प्लाजा क्रॉस ही नहीं करता, तो ऐसे मामलों में टोल शुल्क लागू नहीं होता।
दिलचस्प बात यह है कि जानकारी के अभाव में बहुत से लोग रोज़ टोल चुका रहे हैं, जबकि नियम उन्हें छूट का हक देते हैं। यही वजह है कि हाईवे पर सफर करने वालों के लिए इन नियमों को जानना उतना ही जरूरी है, जितना FASTag रखना।

लोकल यात्रियों के लिए बड़ी राहत: मंथली पास और जिला स्तर की छूट
जो लोग रोज़ हाईवे का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए NHAI ने विशेष सुविधाएं तय की हैं।
टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निजी वाहन मालिक मंथली पास के पात्र होते हैं।
यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो रोज़ उसी हाईवे के एक हिस्से का इस्तेमाल करते हैं।
मंथली पास तभी मान्य होता है जब यात्रा अगले टोल प्लाजा से पहले ही समाप्त हो जाती है।
पास की दरें बेस ईयर के अनुसार तय होती हैं और समय-समय पर रिवाइज की जाती हैं।
यदि टोल रोड के साथ सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग मौजूद हो, तो मंथली पास जारी नहीं किया जाता।
जिले में रजिस्टर्ड निजी वाहनों को जिला स्तर पर विशेष रियायत मिलती है।
अगर हाईवे, ब्रिज, बायपास या टनल उसी जिले में स्थित हो, तो केवल 50% यूजर चार्ज लिया जाता है।
यह छूट तभी लागू होती है जब वहां कोई सर्विस रोड या वैकल्पिक सड़क उपलब्ध न हो।
कौन-कौन से वाहन पूरी तरह टोल फ्री हैं
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और सांसद।
मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा और विधानपरिषद के सदस्य।
भारत के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीश।
सेना प्रमुख, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और समकक्ष रैंक के अधिकारी।
सेना, वायुसेना और नौसेना के आधिकारिक वाहन।
यूनिफॉर्म में मौजूद सैन्यकर्मी, अर्धसैनिक बल और पुलिस वाहन।
एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और शव वाहन।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए वाहन।
परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र विजेता (वैध आईडी पर)।
NHAI और अन्य सरकारी एजेंसियों के वाहन जो हाईवे के निर्माण, निरीक्षण और रखरखाव में लगे हों।