Internet changed our world – इंटरनेट ने दुनिया बदल दी

आज के आधुनिक समय में हर व्यक्ति मोबाइल फोन या दूसरे माध्यम के जरिए इंटरनेट से जुड़ा हुआ है। क्या आपने कभी सोचा है? कि इंटरनेट का जन्म कैसे हुआ? इंटरनेट किस तरह से हमारे घरों और हमारे पॉकेट तक पहुंच गया। वाकई में देखा जाए तो इंटरनेट ने हमारी पूरी दुनिया को बदल कर रख दिया है।

इंटरनेट आज पूरी दुनिया पर ज्ञान के सामग्रियां, बैंक, ऑफिस और सभी ऐसी जगहों पर जहां उत्पादन का काम होता है। वहां पर अपनी एक अलग पहचान बनाते हुए। दुनिया बदलने में मुख्य भूमिका निभाई है।

आज पूरी दुनिया इंटरनेट के कब्जे में है, इंटरनेट के बिना आज किसी भी व्यक्ति का दिन काटना मुश्किल होता है। यहां तक कि बच्चे अब तो इंटरनेट का इस्तेमाल ऑनलाइन पढ़ने के लिए भी कहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस चीज की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी उसे आज इंटरनेट ने हकीकत में बदल दिया है। इसलिए आप कह सकते हैं कि इंटरनेट ने हमारी पूरी दुनिया को बदल कर रखा है।

आज इंटरनेट व माध्यम बन चुका है जिसकी मदद से आप अपने घर में बैठे बैठे दुनिया की किसी भी कोने में बैठे शख्स से बातचीत कर सकते हो, घर में बैठे दुनिया के किसी भी कोने में से ऑनलाइन बढ़ सकते हो। यही नहीं घर बैठे बैठे आप कई सारे शॉपिंग भी कर सकते हो। इंटरनेट ने हमारे लिए हर क्षेत्र में एक नया दरवाजा खोला है।

क्या आपने कभी या कल्पना की है? या फिर यह जानने की कोशिश की है कि आखिर इंटरनेट क्या है? इसकी शुरुआत कैसी हुई? इसका विस्तार कैसे हुआ और इससे जुड़े तमाम सवालों के बारे में,आज हम लोग अपने इस लेख में आप लोगों को इंटरनेट से जुड़ी कुछ अहम बातों के बारे में बताने वाले हैं। हम इसकी शुरुआत इसके अविष्कार से करेंगे, और इंटरनेट के इतिहास के बारे में जानेंगे।

इंटरनेट का इतिहास History of internet|Internet changed our world

इंटरनेट के इतिहास के बारे में जानने से पहले हम लोग इस बारे में बात करेंगे कि आखिर इंटरनेट होता क्या है? इसकी शुरुआत कैसे हुई?

इंटरनेट क्या है? (What is internet in Hindi)

Internet एक दूसरे से जुड़े हुए कई सारे कंप्यूटर का एक जाल है जो राउटर और सरवर के माध्यम से दुनिया की किसी भी कंप्यूटर को आपस में जोड़ता है।दूसरे शब्दों में कह दो सूचनाओं के आदान-प्रदान करने के लिए TCP/IP protocol के माध्यम से 2 कंप्यूटरों को जोड़ता है।आप इकरा से कह सकते हैं कि या तो कंप्यूटर के बीच में संबंध स्थापित करता है जिसे हम लोग इंटरनेट (internet) कहते हैं। इंटरनेट पूरी दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है।

‘Internet’ एक अंग्रेजी शब्द है जिसे ‘internet worked’ से अलग किया गया है। इस शब्द का इस्तेमाल शुरुआती समय में दो से ज्यादा कंप्यूटर को आपस में संबंध स्थापित करने के लिए किया जाता था। वही हिंदी में इसका अर्थ “अंतरजाल”होता है, एक तरह से देखा जाए तो इंटरनेट कई सारे हजारों कंप्यूटर का एक जाल नहीं महाजाल कह सकते हैं।

Internet का मालिक कौन है?

जैसा कि हमने बताया कि इंटरनेट कंप्यूटर का एक महाजाल होता है। ऐसे में आपके मन में भी या ख्याल आ रहा होगा कि आखिर इंटरनेट का मालिक कौन है?
इंटरनेट कई सारे कंप्यूटर में संबंध स्थापित करके बनाया जाता है।इस चलते इंटरनेट पर किसी का एकाधिकार नहीं है। इस चलते आप क्या सकते हैं कि इंटरनेट का कोई मालिक नहीं है। या फिर आप यह मान सकते हैं कि इंटरनेट के मालिक बहुत सारे लोग होते हैं।

 

इंटरनेट का इतिहास – History of internet

इंटरनेट की खोज के पीछे कई लोगों का हाथ है, सबसे पहले इंटरनेट के आविष्कार का श्रेय लियोनार्डो कलेनरॉक ( Leonard kleinrock) को दिया जाता है। यह वह शख्स है जिन्होंने साल 1962 में J.C.R. Licklider और Robert Taylor के साथ मिलकर के network बनाया था। जिसका नाम “ARPANET” के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा भी इसे कई दूसरे नाम जैसे कि जो कि इसका एक व्यवसायिक रूप था TELNET के नाम से जाना जाता है। साल 1974 में व्यवसायिक रूप से इसे उपयोग में लाया गया। भारत में इंटरनेट की शुरुआत 80 के दशक में इस्तेमाल के लिए शुरू किया गया था।

 

Internet की शुरुआत कैसे हुई – how internet born

आज दुनियाभर में हर कोई व्यक्ति इंटरनेट का इस्तेमाल मोबाइल या स्मार्टफोन के माध्यम से कर रहा है। लेकिन सबसे पहले इंटरनेट का इस्तेमाल अमेरिका सेना द्वारा Pentagon के रक्षा विभाग में किया गया था। साल 1969 में इसका इस्तेमाल ARPANET के नाम से जिसका फुल फॉर्म (advanced research project agency, networking project) के नाम से शुरू किया गया था।

अमेरिकी सेना ने इसका इस्तेमाल युद्ध के दौरान कई गोपनीय सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने यानी कि संचार के लिए सुरक्षित संसाधन के तौर पर किया था। बाद में इससे मिलने वाले लाभ के चलते इसका इस्तेमाल शोधकर्ता, विज्ञानिक, मिलिट्री के लोग, और कई सारे चीजों में किया जाने लगा।

धीरे-धीरे इसकी उपयोगिता और ज्यादा बढ़ने लगी और इंटरनेट ने पूरी दुनिया पर अपने पैर पसार दिए। आज इंटरनेट हर चित्र में देखने में मिलता है, आज इंटरनेट की पहुंच आपके घर के हर कोने में है। चाहे वह बाथरूम से लेकर आपके सोने वाले बेड तक। आप सोच रहे होंगे कि कैसे? आमतौर पर एक इंसान इंटरनेट का इस्तेमाल अपने स्मार्टफोन या मोबाइल फोन में करता है। या इसके अलावा अपने पर्सनल कंप्यूटर पर internet lane की मदद से इंटरनेट का इस्तेमाल करता है।

Internet changed our india

लेकिन आपके घर में मौजूद बहुत सारी चीजें, Internet के प्रोग्रामिंग के माध्यम से ही बनाई गई है। उदाहरण: जैसे कि आपके घर में मौजूद बर्तन, यह मशीन द्वारा बनाए गए हैं, जिसे कंप्यूटर के माध्यम से इंटरनेट के द्वारा किसी कंप्यूटर में उसके डिजाइन को Store करके रखा गया है। इस चलते हर बर्तन एक जैसे और एक तरह के बनाए जा सकते हैं। अब आप यह समझ में आ गया होगा कि किस तरह से इंटरनेट आपके जीवन में हर क्षेत्र में पहुंच चुका है।

  • अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा इंटरनेट का इस्तेमाल किए जाने के ठीक 1 साल बाद साल 1970 में Vinton Gray cerf और Bob Kanh ने इंटरनेट की शुरुआत की, जिस चलते उन्हें इंटरनेट का जनक भी कहा जाता है।
  • इंटरनेट के माध्यम से सबसे पहले साल 1972 में  रोटोमलेसन ने सबसे पहला email भेजा था।
  • इसके बाद सरकारी तौर पर इंटरनेट का इस्तेमाल एक ब्रिटिश डाकघर ने पहली बार साल 1979 में नई प्रौद्योगिकी के रूप में किया। इसके बाद इंटरनेट की तकनीकी में तेजी से विकास हुआ।
  • NSF (NATIONAL SCIENCE FOUNDATION) ने साल 1980 में एक तरह का नेटवर्क विकसित किया, जिसका नाम NSFnet दिया गया था।इसके बाद से इंटरनेट के प्रौद्योगिक तकनीकी क्षेत्र में काफी विकास हुआ। इसी साल माइक्रोसॉफ्ट के मालिक बिल गेट्स ने भी अपना operating system, IBM के कंप्यूटर में लगाने की पेशकश की थी।
  • साल 1984 तक पहुंचते-पहुंचते इस नेटवर्क से 1000 से भी ज्यादा निजी कंप्यूटर जुड़ चुके थे।इसके बाद इसका विकास बहुत तेजी से हुआ और इसने पूरी दुनिया में सबसे बड़ा नेटवर्क का रूप धारण कर लिया।
  • आम जनता के इस्तेमाल के लिए इंटरनेट सेवाएं साल 1989 में खोली गई। इसका इस्तेमाल लोग मुख्य द्वार पर एक दूसरे से संचार के माध्यम के लिए और कई विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में शोधन कार्य में करते रहे।
  • इसके बाद साल 1993 में पहला ग्राफिक वेब ब्राउज़र और मोजाइक सॉफ्टवेयर (MOSAIC software) की खोज की गई। जिसने इंटरनेट के इस्तेमाल को और उसके विकास में काफी अहम भूमिका निभाई।

इंटरनेट के क्षेत्र में लगातार नई और नई चीजें का अविष्कार किया जाने लगा, जिसके चलते इंटरनेट ने पूरी दुनिया पर अपना कब्जा जमा लिया। इसका ही नतीजा है कि आज दुनिया भर के सभी देश इस नेटवर्क के माध्यम से आपस में जुड़े हुए हैं। इसी नेटवर्क के माध्यम से उनके बीच में सूचनाओं के आदान-प्रदान की सेवाएं, शोध, वित्तीय लेनदेन समित और भी कई अन्य चीजें कुछ ही समय में किया जाने लगा। जिसकी कल्पना शायद किसी आम इंसान ने कभी नहीं की थी।

भारत में इंटरनेट की शुरुआत – When internet started in India?Internet changed our world

भारत में इंटरनेट की शुरुआत BSNL (Bharat sanchar Nigam limited) द्वारा शुरू किया गया था। साल 1995, 15 अगस्त के दिन इंटरनेट के माध्यम से 20 से 30 कंप्यूटरों को जोड़ा गया था।

भारत के लिए यह समय एक ऐसा दौर था, जब इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत ही सीमित मात्रा में अति विशेष डाक्यूमेंट्स के आदान-प्रदान के लिए किया जाता था। इस दौरान इंटरनेट के माध्यम से कुछ सरकारी कार्यालय, कुछ बड़े स्कूल एवं संस्थान एवं कॉलेज को ही इंटरनेट से जोड़ा गया था। शुरुआती समय में इंटरनेट की स्पीड काफी कम हुआ करती थी। लेकिन जैसे-जैसे इंटरनेट ने भारत में अपना विस्तार बढ़ाना शुरू किया वैसे -वैसे से इंटरनेट की गति मैं सुधार होते गए।

भारत में इंटरनेट आम लोगों के लिए 15 अगस्त साल 1995 को ही VSNL (videsh sanchar Nigam limited) ने शुरू किया था। उस दौरान इंटरनेट का इस्तेमाल केवल बड़े अमीर लोग भी किया करते थे। इंटरनेट का डाटा उस समय काफी महंगा हुआ करता था। उस समय लोगों को 9.6kbit/s के लिए ₹7000 से लेकर के ₹9000 तक चुकाने पड़ते थे।

साल 1997 तक भारत ने इंटरनेट की सेवा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए स्मार्टफोन एवं मोबाइल फोन के लिए broadband के जरिए dial up इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराना शुरू कर दी थी। जिस की अधिकतम स्पीड 56 kb/s हुआ करती थी। इसके बाद स्मार्टफोन एवं मोबाइल फोन में साल 2014 के आसपास 2 G सेवाओं का इस्तेमाल शुरू हुआ। इस तरह इंटरनेट ने अपने पांव पसारना शुरू कर दिया और भारत में इसके बाद 3G और 4G इंटरनेट सेवाओं में कदम रखा, और अभी इसमें और भी कई विकास होना बाकी है।

आप यह कह सकते हैं कि 90 के दशक में भारत में इंटरनेट का तेजी से विकास हुआ और इसकी पहुंच इस देश के हर कोने कोने तक हो गई। आज इंटरनेट का इस्तेमाल लोग सूचनाओं के आदान-प्रदान, शोध और शिक्षा किस क्षेत्र में कर रहे हैं। यही नहीं कई लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करके – घर बैठे लाखों रुपए कमा रहे हैं?

 

Important fact about internet – इंटरनेट के बारे में रोचक तथ्य

  1. Google के अनुसार साल 2010 तक इंटरनेट पर 5 million terabytes data मौजूद था। Google ने इसके बारे में खुद बताया कि उन्होंने इंटरनेट पर मौजूद इतनी बड़ी डाटा में से केवल 0.004% content को ही वे अपने गूगल सर्च इंजन पर index कर पाए हैं।
  2. आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि साल 2018 तक पूरे इंटरनेट में 1.9 billion website मौजूद हैं।
  3. हर हर दिन लगभग 5 million blog post इंटरनेट पर पब्लिक किए जाते हैं।
  4. यह बात भी आपको जानकर काफी हैरान कर देगी कि हर दिन लगभग 95 million photo इंटरनेट के माध्यम से Instagram में अपलोड किए जाते हैं।
  5. पूरी दुनिया भर में कुल आबादी का 7 billion लोगों में से 4 billion लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं।
  6. आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि हर दिन लगभग 85000 website को hack कर लिया जाता है।
  7. वेबसाइट या ब्लॉग के लिए हर घंटे 5000 डोमेन नाम रजिस्टर्ड किया जाता है।

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